महमूद गजनवी के आक्रमणों के कारणों और उनके प्रभावों

Q. महमूद गजनवी के आक्रमणों के कारणों और उनके प्रभावों का आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।

Ans-परिचय:-सुबुकतगीन की मृत्यु होने के बाद इनका बड़ा बेटा महमूद गजनबी गजनी साम्राज्य का शासक बना। यह माना जाता है कि  सुबुकतगीन प्रथम तुर्की आक्रमणकारी थे जिन्होंने भारत के पंजाब पर आक्रमण किया था लेकिन इन्हें अधिक सफलता नहीं मिली। जिसके बाद महमूद गजनबी ने भारत पर लगभग 17 बार आक्रमण किया। भारत पर आक्रमण करने के पीछे कई उद्देश्य था। लेकिन विद्वानों ने महमूद गजनबी के भारत पर आक्रमण करने के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य माना है पहला भारत से अत्याधिक मात्रा में धन प्राप्त करना तथा दूसर भारत में इस्लाम का प्रचार प्रसार करना। हेनरी इलियट ने बताया है कि महमूद गजनवी ने भारत पर 1000 ई. से लेकर 1027 ई. तक लगातार आक्रमण किया। इनके सभी आक्रमणों मेंं से सोमनाथ मन्दिर पर 1025 ई. में किया गया आक्रमण सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।

 

 महमूद गजनबी के भारत पर आक्रमण केे कारण:- 

1. धन लूटनेे का लोभ होना:- अनेक विद्वानों का मानना है कि महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण का प्रमुख उद्देश्य केवल धन को लूटना था। ना कि इस्लाम को फैलाना , प्रोफ़ेसर हबीब केे अनुसार महमूूद गजनबी के भारत पर आक्रमण के पीछे प्रमुुख उद्देेश्य  केवल धन लूटना था।

• इतिहासकार निजामी और हबीब नेेे ठोस प्रमाण देकर यह बताने का प्रयास किया है की महमूद गजनवी भारत में इस्लाम धर्म के प्रचार- प्रसार के लिए नहींं आया  था। बल्कि इन्होंने किसी से यह सुना हुआ था कि भारत के मंदिरोंं में अपार धन है। इसीलिए महमूद गजनवी ने भारत से धन को लूट कर गजनी साम्राज्य  का विस्तार करना चाहता था। 

 

2.इस्लाम धर्म का प्रचार:कुछ विद्वानों के अनुसार महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण के पीछे प्रमुख उद्देश्य इस्लाम धर्म का प्रचार- प्रसार करना माना जाता है। जबकि डॉक्टर नाजिम का विचार है की उसका मुख्य उद्देश भारत पर विजय तथा धन प्राप्त करना था। लेनपूल के अनुसार महमूद गजनबी के भारत पर आक्रमण का मुख्य उद्देश मूर्ति पूजा का खंडन करना था । इस प्रकार से महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण का कोई एक कारण नहीं था बल्कि कई कारण था जैसे कि -इस्लाम का प्रचार, धान को लूटना तथा साम्राज्य विस्तार करना।

 

3.साम्राज्य विस्तार की इच्छा होना:महमूद गजनवी को मध्य एशिया में अपनी साम्राज्य को दृढ़ (मजबूत) बनाये रखने के लिए धन की आवश्यकता थी, इसी कारण से भी उसने भारत पर आक्रमण किया। यह बात सत्य है की उन्होंने अधिक मात्रा में धन को लूटने के लिए मंदिरों को निशाना बनाया। 

• महमूद गजनवी के समय भारत व्यापार के क्षेत्रों में उन्नति पर था, मंदिरों में अपार धन थी, भारत ‘सोने की चिड़िया ‘ कहलाता था। 

• दूसरी तरफ भारत में ऊंच-नीच के भेदभाव के कारण समाज में एकता नहीं था, भारत अनेक छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित था। भारतीय शासकों ने मिलकर कभी शत्रु का सामना नहीं किया। जिसके कारण विदेशी आक्रमणकारी को भारत पर आक्रमण करने का अवसर मिला।

• इसी प्रकार से महमूद गजनबी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया ताकि अत्याधिक मात्रा में  धन को लूट सके। जिसमें से 1025 ई. में सोमनाथ मंदिर के हमला को सबसे प्रसिद्ध माना जाता है जिसमें इन्होंने अत्याधिक मात्रा में सोना -चांदी को लूटा था।

 

महमूद गजनवी के भारत पर प्रमुख आक्रमण: 

राजा जयपाल पर आक्रमण:महमूद गजनबी ने भारत पर प्रथम आक्रमण (1000-1001 ई.) में राजा जयपाल के विरुद्ध किया। जयपाल पंजाब राज्य के राजा थे। इन दोनों के बीच भयानक संघर्ष हुआ जिसके परिणाम स्वरूप महमूद गजनबी ने जयपाल को परिवार सहित बंदी बना लिया और इन पर अत्याचार किया गया। जिसके कारण जयपाल ने महमूद को भारी मात्रा में धन दिया। जिसके बाद महमूद गजनवी ने जयपाल को मुक्त कर दिया । लेकिन इस पराजय के अपमान से अपने पुत्र को गद्दी सौंप कर जयपाल ने अग्नि में जाकर आत्महत्या कर लिया।

• मथुरा और कन्नौज पर आक्रमण:-महमूद गजनवी ने 1018 ई. में कन्नौज पर आक्रमण किया। यहां के प्रतिहार शासकों ने उनकी अधीनता को स्वीकार कर ली। इसके बाद महमूद गजनवी ने मथुरा के मंदिरों को लूटा और यहां के कई मंदिरों को नष्ट कर दिया और धन को लेकर वापस गजनी लौट गया।

 

• सोमनाथ पर आक्रमण:महमूद गजनवी का सबसे महत्वपूर्ण आक्रमण 1025 ई. सोमनाथ मंदिर पर हुआ। यह मंदिर अपार धन के लिए प्रसिद्ध माना जाता था। मोहम्मद गजनबी रेगिस्तान को पार करके सोमनाथ तक पहुंचा और अपने सैनिकों के साथ मिलकर हमला कर दिया। महमूद गजनवी ने वहां की अपार संपत्ति को देखकर आश्चर्यचकित रह गया। इतनी संपत्ति उसने कभी भी अपने जीवन में नहीं देखी थी। उन्होंने यह संपत्ति को लूट कर उंटो पर लादकर गजनी ले गया।

 

महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण के प्रभाव:-

1. सैनिक दुर्बलता का ज्ञान हो जाना:विदेशी आक्रमणकारी भारतीय प्रदेशों पर आक्रमण करके वहां के राजा को पराजित कर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजा कमजोर है। इससे देश की शक्ति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा और सैनिक कमजोरी के बारे में विदेशियों को ज्ञान हो गया। जिसके कारण भारत पर अन्य विदेशी आक्रमण की संभावना अधिक बढ़ गई।

 

2. धन संपत्ति को विदेश ले जाना:-महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण करके अत्याधिक मात्रा में धन को लूटा और अपने साथ गजनी ले गया। जिससे भारत की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ा।

 

3. भारतीय कला को हानि पहुंचाना:-महमूद गजनवी ने धन को लूटने के उद्देश्य भारत पर लगभग 17 बार आक्रमण किया। धन की प्राप्ति के लिए इन्होंने कई मंदिरों मूर्तियों और भवनों को नष्ट कर दिया। इससे भारतीय कला के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।

 

4. भविष्य में विदेशी आक्रमण का मार्ग खोल देना:-महमूद गजनवी के आक्रमण के कारण अन्य विदेशी आक्रमणकारियों को भारत पर आक्रमण के लिए मार्ग खुल गया। इससे प्रभावित होकर अन्य विदेशी आक्रमणकारी भारत पर आक्रमण किया जैसे कि – मोहम्मद गौरी ने 12वीं शताब्दी में भारत पर आक्रमण किया। इस प्रकार से महमूद गजनवी के आक्रमण के कारण विदेशियों द्वारा भारत पर आक्रमण का मार्ग खुल गया

 

Most important objective question
 
Q1. महमूद गजनवी का प्रथम आक्रमण कब हुआ था।
Ans-1001 ई. में
 
Q2.शाहनामा’ नामक पुस्तक की रचना किसने की थी।
Ans-फ़िरदौसी ने (फ़ारसी भाषा में लिखी गई हैं )
 
Q3. महमूद गजनवी गद्दी पर कब बैठा था।
Ans-997 ई. में
 
Q4. महमूद गजनवी का भारत पर अंतिमआक्रमण किसके विरूद्ध किया गया था।
Ans-जाट के विरूद्ध (1027 ईस्वी)
 
Q5. महमूद गजनवी का दरबारी इतिहासकार कौन था।
Ans-उत्बी  (किताब -उल -यामिनी )
 
Q6. महमूद गजनवी का जन्म हुआ था।
Ans-2 November 971 AD
 
Q7 .महमूद गजनवी का शासन काल क्या था।
Ans-सन् 998 से 1050 ई
 
Q8.महमूद गज़नवी की मृत्यु कब हुई थी।
Ans-1030 ई० में
 
Q9.महमूद गजनवी ने सोमनाथ पर आक्रमण कब किया था।
Ans-सन् 1025 ई.
 
Q10.सुल्तान की उपाधि धारण करनेवाला पहला तुर्क शासक कौन था।
Ans-महमूद गज़नवी
 
Q11.सोमनाथ का मन्दिर कहाँ स्थित है।  
Ans-गुजरात के काठियावाड़ जिले में समुद्री तट पर
 
Q 12. किताब-उल हिंद के रचनाकार थे।
Ans- अलबरूनी
 
        

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